Coolie, आपने कभी देखा है कि सरकार ने उनकी सुरक्षा में दो-दो सुरक्षाकर्मियों को लगाया है? जानिए क्यों

नेताओं और अधिकारियों को तो आपने बॉडीगार्ड के साथ घूमते जरूर देखा होगा, लेकिन यह कहानी वही साधारे कुली की है, जिसके सुरक्षा के लिए सरकार ने उसे दो-दो सुरक्षा गार्ड्स दिए हैं। हम आपको इस कामदार के जीवन की खास कहानी सुनाएंगे जिसका नाम है धर्मा, जो कुली का काम करते हुए भी दो सुरक्षा गार्ड्स के साथ घूमता है। यह कहानी उनकी जीवनयात्रा की है, जिसमें हम आपको इसके पीछे की वजह और उसके महत्व को जानने का मौका देंगे।

धर्मा – एक साधारे कुली की कहानी

धर्मा, जो बिहार के आरा के निवासी हैं, एक साधारे कुली के रूप में काम करने का कार्यभार संभालते हैं। 1989 से धर्मा पटना जंक्शन पर कुली का काम कर रहे हैं, और उनका काम काफी विशेष है।

पटना सीरियल ब्लास्ट से जुड़ा है मामला

धर्मा की कहानी में एक महत्वपूर्ण घटना है, जो साल 2013 में हुई थी। तब, बीजेपी की हुंकार रैली के दौरान पटना के गया गांधी मैदान में भाषण देने के समय एक बम धमाका हुआ था, जिसकी पहली धड़कन पटना जंक्शन के 10 नंबर प्लेटफार्म के बाथरूम में हुई थी। इसके बाद पटना के गांधी मैदान में एक सीरियल ब्लास्ट हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौके पर मौत हो गई थी।

इस भयानक घटना के बाद, धर्मा कुली ने धर दबोचा और इम्तियाज अंसारी जैसे आतंकी को पुलिस के हवाले कर दिया। यह उनके वीरता का प्रतीक था और उन्होंने न्याय की ओर बढ़ने का साहस दिखाया।

धर्मा की बहादुरी

धर्मा कुली ने जब इम्तियाज को पकड़ा, तो वही कुली बन गए, जिसकी सुरक्षा के लिए सरकार ने उन्हें दो-दो सुरक्षा गार्ड्स देने का निर्णय लिया। अगर धर्मा उस समय इम्तियाज को पकड़ते ही नहीं, तो शायद गांधी मैदान ही नहीं, बल्कि पूरे बोधगया बम ब्लास्ट की घटना का पर्दाफाश नहीं होता। धर्मा कुली ने इस घटना में अपने दिल से न्याय की सेवा की और उन्हें जिम्मेदारी समझकर अपने कर्तव्य का पालन किया।

धर्मा की सुरक्षा की गारंटी

धर्मा को इम्तियाज को पकड़ने के बाद गुहार लगाने की धमकी मिलती रही, लेकिन उन्होंने डरने का नाम नहीं लिया। उन्होंने कोर्ट में इस मामले की जाँच के लिए गुहार लगाई, जिससे न्याय मिलने की संभावना थी।

सुरक्षा गार्ड्स का आगमन

इस घटना के दस साल बाद, 2023 के अप्रैल में, धर्मा कुली को सुरक्षा के लिए दो सुरक्षा गार्ड्स दिए गए। यह गार्ड्स उनकी सुरक्षा के लिए हैं, और इनमें एक जीआरपी का जवान भी शामिल है, जो अपनी विशेषज्ञता के साथ धर्मा की सुरक्षा करने के लिए तैयार हैं। दूसरा गार्ड बिहार पुलिस का है, और वह भी धर्मा की सुरक्षा में संलग्न है।

न्याय की ओर बढ़ते हुए

धर्मा कुली की कहानी हमें यह सिखाती है कि न्याय की ओर बढ़ने के लिए आपको डरने की कोई आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने एक महत्वपूर्ण क्षण में अपने कर्तव्य का पालन किया और न्याय के पथ पर आगे बढ़ने का साहस दिखाया।

समापन

धर्मा कुली की यह कहानी हमें यह दिखाती है कि कई बार साधारे कामदार भी अत्यधिक महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वाचन कर सकते हैं और न्याय की ओर बढ़ सकते हैं। धर्मा कुली ने अपनी बहादुरी और संघर्ष से दिखाया कि आपके काम की महत्वपूर्णता सिर्फ आपके आस-पास के लोगों के लिए ही नहीं होती, बल्कि पूरे समाज के लिए भी हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *