admin September 20, 2017

दोस्तों आज से नवरात्री का पावन पर्व शुरू हो रहा है, पर क्या आपको पता है की भारत वर्ष में नवरात्री क्यों मनाई जाती है.. 

भारत में नवरात्री मनाने के पीछे दो कहानियाँ प्रचलित है, आइये जानते हे एक एक कर के इन कहानियों के बारे में

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नवरात्री की पहली कहानी जिसका उल्लेख तुलसीदास रामायण में मिलता हे वह इस प्रकार से है :-

जब राम जी और रावण का युद्ध चल रहा था, उस समय विजय के लिए ब्रम्हा जी ने भगवान राम को माँ चंडी की पूजा  कर उन्हें प्रसन्न करने की सलाह दी थी , जो पूजा विधि ब्रम्हा जी ने भगवान राम जी को माँ चंडी को प्रसन्न करने के लिए बताई थी उस में १०८ नीलकमल लगने वाले थे… हनुमान जी और लक्ष्मण जी न १०८ नीलकमलो की व्यवस्था भी कर ली |

वही दूसरी और रावण ने भी चंडी पाठ शुरू कर दिया था यह बात भगवान राम तक उनके गुप्तचरों द्वारा पंहुचा दी गयी थी | और भगवान राम भी माँ चंडी की आराधना युद्ध विजय हेतु कर रहे है यह बात भी रावण को पता चल गयी थी की तभी रावण ने अपने मायावी शक्तियों से एक कमल का फूल गायब करा दिया जिस से की भगवान राम की पूजा पूर्ण न हो सके…

जब हनुमान जी और लक्ष्मण जी को ये बात मालूम पडी सभी के मन को ये डर सताने लगा की कही माँ चंडी क्रोधित न हो जाये, तभी श्री राम जी को एक बात याद आई की उन्हें कमल नयन भी कहा जाता हे, इस तर्क पर श्री राम अपनी तीर से अपने नेत्र को निकालने लगे ताकि वह उन्हें चंडी माँ को अर्पित कर सके, की तभी माँ चंडी प्रकट हुई और उन्हें युद्ध विजय का आशिर्वाद दिया..

वही इस के बाद हनुमान जी छोटे बालक के रूप में लंका में गए और ब्राह्मणों द्वारा श्लोक उच्चारण में हरनी की जगह करिणी का उच्चारण करा दिया , जी से माँ चंडी क्रोधित हो उठी और रावण का सर्वनाश हो जाये ये श्राप दे दिया .

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नवरात्री की दूसरी कथा जो भारत में काफी प्रचलित हे  वह इस प्रकार से है :

जैसा की आप जानते ही महिषासुर नामक राक्षस को अजेय होने का वरदान प्राप्त था , उस वरदान को पाकर महिषासुर ने उसका दुरुपयोग करना शुरू कर दिया था | एक समय तो महिषासुर से युद्ध में इंद्र देवता अपना स्वर्ग लोक तक उस से हर गए थे | तभी देवताओ ने माँ शक्ति से आराधना की और माँ दुर्गा के रूप में प्रगट हुई और महिषासुर का वध किया | और महिषासुरमर्दिनी कहलाई |

क्या आपको पता हे नवरात्री वर्ष में दो बार आती हे इस के पीछे वैज्ञानिक और धार्मिक कारण भी हे. एक नवरात्री चैत्र ( गर्मियों की शुरुआत में ) और दूसरी आश्विन माह ( ठंडी की शुरुआत में ) आती हे..इन ही दिनों मौसम में काफी उलट पुलट होती हे और हमारा शरीर इन मौसम के बदलाव से आसानी से आदि हो जाये इसीलिए नवरात्री का उपवास और माँ शक्ति की उपासना की जाती हे, उपवास भी इसीलिए किया जाता हे की इन नो दिनों में आपका पाचनतंत्र ठिक से काम करे और मौसम के बद्लाव के अनुकूल हो सके. एक बार इसे सत्य और असत्य के रूप में तो वही दूसरी बार इसे श्री राम के विजय के रूप में भी मनाया जाता हे |

नोट :- उपर लिखे हुए लेख पूर्ण तरीको से इन्टरनेट से लिए गये है  | इन लेख में दिए गए विचार और सूचना और ज्ञान Bharathunt.com के नहीं हे और bharathunt.com इस के लिए उत्तरदायी नहीं हे

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